मैक्यावली के व्यक्ति संबंधी विचार

Thoughts of Human Behavior by Machiavelli in Hindi

Hello दोस्तों ज्ञानउदय में आपका स्वागत है और आज हम बात करेंगे राजनीति विज्ञान में पुनर्जागरण के प्रतिनिधि मैक्यावली के व्यक्ति स्वभाव संबंधी विचारों और आलोचनाओं के बारे में । (Thoughts of Human behaviour and Criticism by Western Political thinker Niccolò Machiavelli in Hindi), जैसा कि आप सभी जानते हैं, मैक्यावली को इटली का चाणक्य कहा जाता है । इसके अलावा मैक्यावली को ‘पुनर्जागरण का शिशु’ के नाम से भी जाना जाता है । मैक्यावली के बारे में और उनके राजनीतिक विचारों के बारे में हम पहले ही बता चुके हैं । जानने के लिए Link पर Click करें ।

मैक्यावली के राजनीतिक विचारों के लिए यहाँ Click करें ।

आइये अब बात करते हैं, मैक्यावली के द्वारा दिये गए व्यक्ति स्वभाव संबंधी विचार और आलोचना के बारे में । मैक्यावली ने मानव स्वभाव संबंधी विचार इटली की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दिए थे । मैक्यावली के द्वारा सभी विचार और धारणा उनके मानव स्वभाव संबंधी विचारों पर आधारित है, जो कि इटली की तत्कालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर दिए गए हैं । जो कि निम्नलिखित हैं ।

मैक्यावली के अनुसार व्यक्ति दुर्बलता, मूर्खता और मूर्खता का सम्मिश्रण है । स्वार्थ और अहंकार मानव स्वभाव के मूल में विद्यमान है तथा सद्गुण और परोपकार जैसे गुणों के बारे में उसे पता ही नहीं है । मैक्यावली का मानना था कि-

“मनुष्य जन्म से ही बुरा होता है ।”

मैक्यावली ने अपनी रचना प्रिंस में लिखा है कि-

“सामान्य रूप से मनुष्य के बारे में कहा जा सकता है कि वह कृतघ्न, चंचल, झूठे, कायर व लोभी होते हैं । जब तक उन्हें आपसे लाभ है, आपके बने रहेंगे । वह उस समय तक आपके लिए, अपने जीवन, रक्त, संपत्ति तथा बच्चों का बलिदान करने के लिए तैयार रहेंगे ।”

लेकिन जैसे ही उस व्यक्ति को आपकी आवश्यकता समाप्त हो जाती है, फिर वह आपके विरुद्ध हो जाते हैं । मनुष्य किसी से तभी तक आपकी बात मानेंगे, जब तक कि उनका स्वार्थ आपसे पूरा होता है । जैसे ही उनकी ज़रूरतें पूरी जाती हैं, वह बदल जाते हैं । फिर व्यक्ति अपनी दूसरी आवश्यकताओं के लिए किसी ओर को तलाशते हैं ।

राजनीति सिद्धांत के बारे में जानने के लिए यहाँ Click करें ।

मैक्यावली के अनुसार व्यक्ति स्वभाव से दुराचारी होता है । आवश्यकता पड़ने पर ही वह अच्छे तथा सच्चे स्वभाव के दिखाई देते हैं । व्यक्ति अपनी वासनाओं के दास और प्रथम श्रेणी के स्वार्थी होते हैं । मैक्यावली की धारणा है कि मनुष्य स्वभाव से स्वार्थी, घोर दानवी प्रवृत्तियों वाला और दुष्ट होता है । मनुष्य के सभी क्रियाकलापों में उसका घोर स्वार्थवाद ही है ।

मैक्यावली ने अपनी रचना डिसकोर्सेज में भी मानव जीवन के केवल बुरे पहलू की चर्चा ही करते हैं । वह बताते हैं कि-

“मानव स्वभाव से ही ईर्ष्यालु और महत्वकांक्षी होता है । वह अपने व्यवहार में दो तत्वों से परिचालित होता है । प्रेम और भय ।”

मैक्यावली के अनुसार मानव लालची प्रवृत्ति का होता है । वह धन कमाने की प्रबल इच्छा रखता है और हमेशा धन के पीछे भागता है । अधिक धन कमाने के बारे में ज़्यादा सोचता है । मनुष्य के अनुसार संपत्ति उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण इच्छा और आवश्यकता है । मैक्यावली का प्रसिद्ध कथन है कि व्यक्ति-

“अपनी संपत्ति छीनने वालों की अपेक्षा, एक व्यक्ति अपने पिता के हत्यारे को आसानी से क्षमा कर देता है ।”

मैक्यावली का मानना है कि मनुष्य अपनी इच्छाओं का गुलाम होता है और इच्छाओं की अधिकता के कारण ही मनुष्य अपराध करने लगता है । मैक्यावली के अनुसार एक व्यक्ति चाहता है कि-

“संसार की सबसे अच्छी वस्तु उसी के पास हो, वह इसी कारण हमेशा संघर्ष तथा प्रतिस्पर्धा से लगा रहता है ।”

मैक्यावली के अनुसार कपट, वासना और स्वार्थ से भरा व्यक्ति हमेशा परेशान रहता है । मनुष्य का सदैव ऊपर से नीचे की ओर पतन हुआ है । व्यक्ति अपने ही बुने जाल में छटपटाता हुआ मर जाता है ।

कौटिल्य के सप्तांग सिद्धान्त के लिए यहाँ Click करें ।

व्यक्ति अपने डर के कारण ही नियंत्रित होता है । कोई भी व्यक्ति प्रेम की अपेक्षा डर से अधिक प्रभावित होता है । इसलिए मैक्यावली कहता है कि-

“राजा को प्रजा वत्सल ही नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसा होना चाहिए जिससे लोग डरे ।”

क्योंकि जब तक लोग डरते रहेंगे, तब तक वह उससे प्रेम और उसका सम्मान करेंगे । मानव स्वभाव के आधार पर ही मैक्यावली ने अपने राज्य और शासन संबंधी विचारों की रूपरेखा को प्रस्तुत किया है ।

इसी आधार पर मैक्यावली कहता है कि-

“अच्छा शासक व्यक्ति की हत्या भले ही कर दे, पर उसकी संपत्ति न लूटे ।”

मैक्यावली के अनुसार शासक भी एक व्यक्ति है । अतः वह भी मानव स्वभाव के दुर्गुणों से मुक्त है । इसलिए सच्चा शासक वही है, जो शक्ति और धोखा दोनों में परिपूर्ण हो । मैक्यावली के अनुसार-

“राजा में शेर का साहस और लोमड़ी की चालाकी दोनों जरूरी है ।”

“शासक को मानव स्वभाव यानी बुरे आचरण के मनोविज्ञान के आधार पर ही और उसी के अनुसार कार्य करना चाहिए ।”

मैक्यावली के अनुसार एक शासक को मानव स्वरूप स्वभाव के आधार पर ही शासन का स्वरूप भी निर्धारित करता है । जहां पर राज्य के नागरिकों में व्यक्तियों का स्वभाव अच्छा होगा, वहां गणतंत्र व्यवस्था अच्छी तरह से लागू की जा सकती है । लेकिन जहां पर लोगों का स्वभाव अच्छा नहीं है, वहां पर निरंकुश राजतंत्र उपयुक्त है । इटली के लिए भी ऐसा ही माना गया था । क्योंकि मैक्यावली के समय में इटली में इस तरह की तत्कालीन परिस्थितियाँ थी ।

बी. आर. अम्बेडकर के जाति व्यवस्था पर विचारों को पढ़ने के लिए यहाँ Click करें ।

मैक्यावली के व्यक्ति संबंधी विचारों की आलोचना

आइए अब हम जानते हैं, मैक्यावली के मानव स्वभाव संबंधी विचारों की आलोचनाओं के बारे में । अनेक आधारों पर मैक्यावली के मानव संबंधी स्वभाव और विचारों की आलोचना की जा सकती है ।

यह माना जाता है कि मैक्यावली द्वारा दिये गये, मानव स्वभाव संबंधी विचार या धारणा एकांकी है । यानी यह सिर्फ एक तरफ (One sided) ही बात बताती है, जो इटली को ध्यान में रखकर की गई है । यानी इसका सिर्फ एक पहलू है ।

दो तलवारों का सिद्धान्त को पढ़ने के लिए यहाँ Click करें ।

मैक्यावली इटली की उस समय की परिस्थितियों के हिसाब से, यह धारणा थी कि इटली के नागरिक बुरे हैं । इसलिए वह सार्वभौमिक सत्य नहीं हो सकता । क्योंकि यह धारणा सम्पूर्ण विश्व के नागरिकों को ध्यान में रखते हुए नहीं की गयी । इस कारण विश्व के सभी नागरिक बुरे, दुष्ट व स्वार्थी हैं, यह संभव नहीं है । अर्थात मैक्यावली के ये विचार निजी हैं ।

निष्कर्ष

अन्ततः इस तरह कहा जा सकता है कि मैक्यावली की मानव स्वभाव संबंधी धारणा ना तो तार्किक है, ना क्रमबद्ध और ना ही वैज्ञानिक । मैक्यावली का मानव संबंधी स्वभाव विचार, महान विचारक हॉब्स के प्राकृतिक अवस्था के व्यक्तियों से मिलता जुलता है ।

मैक्यावली के राजनीतिक विचारों के लिए यहाँ Click करें ।

हालाँकि मैक्यावली की रूचि मानव स्वभाव में नहीं थी, बल्कि वह इटली की दुर्दशा से पीड़ित था और वहां पर उसने इन बुराइयों को दूर करने वाली कोई सत्ता भी नहीं देखी थी । इसीलिए यदि वह इटली के लोगों को झूठा, स्वार्थी, पाखंडी मानता है । तो वह बहुत कुछ इटली की तत्कालीन परिस्थितियों से प्रभावित था ।

तो दोस्तों यह थे मैक्यावली के व्यक्ति के स्वभाव से संबंधित उनके विचार और साथ में हमने आलोचनाओं के बारे में भी बताया है, क्योंकि मैक्यावली ने व्यक्तियों से उनके स्वभाव से संबंधित विचार इटली को ध्यान में रखते हुए दिए हैं । जो की सार्वभौमिक नहीं है । हालांकि उनके विचार महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि जगह ये ठीक भी प्रतीत होते हैं । अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें । तब तक के लिए धन्यवाद  !!

Leave a Reply