संविधान सभा और इसका निर्माण

Hello Friends, ज्ञान उदय में आपका एक बार फिर स्वागत है आज हम बात करते हैं संविधान सभा और उसके निर्माण के बारे में ।

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1985 में “स्वराज विधेयक” द्वारा संविधान निर्माण की सर्वप्रथम मांग बाल गंगाधर तिलक द्वारा की गई।

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1922 में गांधी जी द्वारा संविधान सभा और निर्माण की मांग ज़ोरदार तरीके से की और कहा- कि “जब भी भारत को स्वाधीनता मिलेगी, भारतीय संविधान का निर्माण -भारतीय लोगों की इच्छाओं के अनुकुल किया जाएगा ।”

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1928 अगस्त में पंडित मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में नेहरू रिपोर्ट बनाई गई । जिसका निर्माण मुंबई में किया गया ।

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इस तरह ब्रिटिश भारत का पहला लिखित संविधान बना, जिसमें मौलिक अधिकारों, अल्पसंख्यकों के अधिकारों तथा अखिल भारतीय संघ और Dominion state डोमिनियन स्टेट के प्रावधान रखे गए ।

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सबसे पहले इसका विरोध मुस्लिम लीग और रियासतों के राजाओं ने किया ।

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1929 में जवाहर लाला नेहरू की अध्यक्षता में कांग्रेस का लाहौर सम्मेलन हुआ। जिसमें पूर्ण स्वराज्य की मांग की गई।

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1936 में फैजल पुर सम्मेलन आयोजित हुआ । जिसके द्वारा कांग्रेस ने पहली बार मंच से चुनी गई संविधान सभा से संविधान निर्माण की मांग की ।

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1942 में क्रिप्स मिशन भारत भेजा गया । दूसरे विश्व युद्ध के बाद भारत में उत्तरदाई शासन की मांग को मानने का वचन दिया । हालांकि इस मिशन को ‘Post dated Cheque’ की संज्ञा देते हुए गांधी जी ने तथा कांग्रेस लीग ने Reject कर दिया । सरकार ने 2 सितम्बर से कार्य शुरू किया ।

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इस सरकार में अध्यक्ष वायसराय लार्ड वेवल तथा उपाघ्यक्ष पं. जवाहर लाल नेहरू थे।

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इस सरकार में सदस्य की संख्या नेहरू सहित 14 रखी गई।

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26 अक्टूबर 1946 को इस सरकार का पुर्नगठन किया गया। बाद में इसमे 5 प्रतिनिधि शामिल किए गए।

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1947 मार्च में माउण्ट बेटन को वायसराय बनाया गया । इन्होंने जून 1947 में एक योजना प्रस्तुत की जिसे विभाजन/ माउण्ट बेटन/ जून योजना के नाम से जाना जाता है । जिसे ब्रिटेन के राजा ने जुलाई 1947 में वापस ले लिया ।इस योजना का संचालन 15 अगस्त 1947 के भारत स्वतंन्त्रता अधिनियम में हुआ ।

This Post Has One Comment

  1. py

    vry helpful

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